अटलांटिक महासागर में चल रहे एक क्रूज जहाज में एक दुर्लभ वायरस हंता वायरस के संदिग्ध प्रकोप से 3 लोगों की मौत हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मरने वालों में एक बुजुर्ग पतिपत्नी भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक क्रूज पर 3 लोग और बीमार है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि जांच अभी जारी है, लेकिन हंता वायरस का कम से कम एक मामला पक्का हो चुका है। एक मरीज दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है। वहीं, दो और बीमार लोगों को जहाज से निकालकर इलाज के लिए ले जाने की तैयारी हो रही है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अब सवाल ये उठता है कि ये वायरस क्या है? और कैसे ये सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है?

Hantavirus क्या है?
हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण है, जो खासतौर पर चूहों से इंसानों में फैलता है। यह वायरस अलगअलग हिस्सों में अलग तरह की बीमारियां पैदा कर सकता है, जैसे फेफड़ों या किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। आपको बता दें कि यह वायरस कोरोना की तरह इंसानों से इंसानों में आसानी से नहीं फैलता इसलिए ज्यादा नहीं घबराएं सिर्फ बचाव करें।
हंता वायरस कैसे फैलता है?
हंता वायरस एक ऐसा वायरस है जो संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इस वायरस से निकले कण जब हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में जाते हैं, संक्रमित सतह को छूकर फिर मुंह, नाक या आंख छूने से ये वायरस फैल सकता है। बहुत ही दुर्लभ मामलों में चूहे के काटने से भी ये वायरस फैलता है।
हंता वायरस के संपर्क में आने से कौनकौन से लक्षण दिखते हैं?
हंता वायरस के संपर्क में आने से लक्षण आमतौर पर 12 हफ्ते बाद दिखते हैं। मायो क्लिनिक के मुताबिक शुरुआती लक्षणों में
- तेज बुखार आना और ठंड लगना।
- तेज सिरदर्द होना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- उल्टी और दस्त की शिकायत होना शामिल है।
- इस वायरस के संपर्क में आने से जो गंभीर लक्षण दिखते हैं उसमें सांस लेने में तकलीफ होना,खांसी और सीने में जकड़न और कुछ मामलों में किडनी फैल होने का खतरा रहता है।
इस वायरस का इलाज क्या है?
अभी इसका कोई स्पेसिफिक इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, लेकिन लक्षणों को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन, फ्लूइड मैनेजमेंट की दवाई दी जाती है। जितनी जल्दी इलाज शुरू हो, उतनी बचने की संभावना बढ़ती है
हंता वायरस से बचाव कैसे करें?
- इस वायरस से बचाव करना है तो आप घर और आसपास चूहों को पनपने न दें।
- घर की सफाई रखें, खासकर बंद जगहों जैसे स्टोर रूम को साफ रखें।
- चूहों के मल या गंदगी को साफ करते समय मास्क और ग्लव्स पहनेंखानेपीने की चीजें ढककर रखें।
- अगर आप हाल ही में ऐसी किसी जगह से लौटे हैं या चूहों के संपर्क में आए हैं और लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। हंतावायरस के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। जनसत्ता किसी भी तरह के Selftreatment की सलाह नहीं देता है।





