झारखंड के चतरा जिले में बेटे ने अपनी मां के कथित प्रेमी की हत्या कर शव जंगल में दफना दिया. पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

झारखंड के चतरा जिले में एक ऐसा शॉकिंग मामला सामने आया है जो सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए. यहां एक बेटे ने अपनी मां के कथित प्रेमी को मार डाला. सिर्फ मारना ही नहीं, बल्कि शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना भी दिया. यह घटना लावालांग पुलिस थाना क्षेत्र के तुंगुन गांव की है. पुलिस के अनुसार, यह हत्याकांड करीब एक महीने पहले हुआ था. मुख्य आरोपी राकेश मुंडा अपनी मां और गुड्डू मुंडा के बीच चल रहे कथित प्रेम संबंध से बेहद नाराज था. इस गुस्से में उसने तीन अपने दोस्तों के साथ मिलकर गुड्डू मुंडा की हत्या की साजिश रची.
कैसे हुई हत्या?
पुलिस जांच के मुताबिक, राकेश मुंडा और उसके तीन साथी माधनिया घाटी में पहले से ही घात लगाकर बैठे थे. जब गुड्डू मुंडा बस से गुजर रहा था, तब चारों ने मिलकर चलती बस से उसे जबरन खींच लिया. इसके बाद वे उसे जंगल के अंदर ले गए. वहां मारपीट की और निर्ममतापूर्वक उसकी हत्या कर दी. सबूत मिटाने के लिए 30 मार्च को शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया.
पिता की शिकायत से खुला राज
घटना के बाद गुड्डू मुंडा के पिता ने बेटे के लापता होने की सूचना दी. उन्होंने बेटे के अपहरण की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से जांच शुरू की. टेक्निकल सर्विलांस का सहारा लिया गया. इसी के आधार पर एक आरोपी महेश गंझू को गिरफ्तार किया गया. महेश से पूछताछ करने पर उसने सारी बात उगल दी. उसने शव छिपाने की जगह भी बताई. पुलिस की टीम जंगल पहुंची और गड्ढे से गुड्डू मुंडा का शव बरामद कर लिया.
आरोपियों की पहचान
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी हैं- महेश गंझू, नितेश कुमार और कमलेश कुमार. ये तीनों चतरा जिले के ही अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं. तीनों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड यानी मुख्य आरोपी राकेश मुंडा अभी फरार है. पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
पुलिस अधिकारी का बयान
एसडीपीओ (सिमरिया) नगरगोजे शुभम भाऊ साहब ने बताया कि आरोपी राकेश अपनी मां के प्रेम संबंध से इतना नाराज था कि उसने इस हत्या को अंजाम देने की ठान ली. 15 मई को मृतक के पिता की लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया. पुलिस की तेजी से की गई जांच और तकनीकी सहायता की वजह से मामला जल्दी सुलझ गया. यह मामला एक बार फिर से परिवार में रिश्तों की नाजुकता और गुस्से के अंजाम को दिखाता है. पुलिस अब बाकी आरोपी राकेश मुंडा को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी हुई है.





