वीकेंड, हड़ताल और ईद, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लगातार कई दिन रहेगी छुट्टी​

अगर आपका कोई जरूरी काम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा जाकर करना है, तो उसे जल्द निपटा लें. 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांचें लगातार कई दिनों तक बंद रह सकती हैं. इसकी वजह वीकेंड छुट्टियां, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और बकरीद की छुट्टियां हैं.

वीकेंड, हड़ताल और ईद, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लगातार कई दिन रहेगी छुट्टी​

2324 मई को वीकेंड की छुट्टी

23 मई शनिवार और 24 मई रविवार होने की वजह से SBI समेत कई बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी. हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं.

2526 मई को हड़ताल की तैयारी

SBI स्टाफ फेडरेशन ने 25 और 26 मई को दो दिन की हड़ताल का प्रस्ताव दिया है. कर्मचारियों की मांग है कि बैंक में नई भर्ती की जाए और NPS फंड मैनेजर चुनने का विकल्प कर्मचारियों को दिया जाए. इसके अलावा कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग, प्रमोशन पॉलिसी, HRMS और दूसरे कई मुद्दों को लेकर भी नाराजगी जताई है.

बकरीद पर भी बंद रहेंगे बैंक

भारत के अलगअलग राज्यों में बकरीद अलगअलग दिन मनाई जाएगी. Reserve Bank of India के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक ज्यादातर राज्यों में 27 मई को बैंक बंद रहेंगे, जबकि कुछ राज्यों में 28 मई को छुट्टी रहेगी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जम्मूकश्मीर में 27 और 28 मई दोनों दिन बकरीद की छुट्टी रहेगी.

ऑनलाइन बैंकिंग और ATM सेवाएं चलती रहेंगी

हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने की संभावना है, लेकिन SBI की इंटरनेट बैंकिंग, UPI और ATM सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी. यानी ग्राहक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, पैसे निकालने और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे.

कर्मचारी क्यों करना चाहते हैं हड़ताल?

SBI कर्मचारी संगठन का कहना है कि आउटसोर्सिंग की वजह से ग्रामीण युवाओं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जातिजनजाति और पिछड़े वर्गों के लोगों को नौकरी के अवसर कम मिल रहे हैं. इसके अलावा कर्मचारियों ने बैंक में सुरक्षा गार्डों की भर्ती नहीं होने पर भी चिंता जताई है. उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों, ग्राहकों और बैंक संपत्तियों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है.

वहीं NPS के तहत पेंशन फंड मैनेजर बदलने की सुविधा नहीं मिलने को लेकर भी कर्मचारी नाराज हैं. उनका दावा है कि दूसरे सरकारी बैंकों के मुकाबले SBI कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है.

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