डॉलर की मजबूती से रुपया धड़ाम! 39 पैसे टूटकर 95.23 के ऑलटाइम लो पर बंद

कच्चे तेल की कीमत, जियो पॉलिटिकल टेंशन और विदेशी​ निवेशकों की बिकवाली जारी रहने से रुपए पर लगातार दबाव देखने को मिल रहा है. यही कारण है कि सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. जिसकी जिसकी वजह से रुपया डॉलर के मुकाबले ऑलटाइम लो पर बंद हुआ है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले में रुपए में और गिरावट देखने को मिल सकती है. जिससे रुपया 96 से 97 के लेवल पर पर पहुंच सकता है.

डॉलर की मजबूती से रुपया धड़ाम! 39 पैसे टूटकर 95.23 के ऑलटाइम लो पर बंद

जानकारी के अनुसार सोमवार को रुपया 39 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.23 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ. इसकी वजह मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव है, जिससे वैश्विक बाजारों में उतारचढ़ाव बना हुआ है, तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और महंगाई तथा आर्थिक मंदी का डर बढ़ रहा है. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि ब्रेंट तेल, जो 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बनाए हुए है. इसके अलावा, भूराजनीतिक अनिश्चितताओं के बढ़ने के बीच विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना जैसे फैक्टर्स कारकों ने निवेशकों के भरोसे को और कमजोर किया है.

रुपए में गिरावट जारी

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.95 पर खुला, फिर कमजोर हुआ और आखिरकार दिन के अंत में 95.23 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 39 पैसे की गिरावट दर्शाता है. गुरुवार को, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 94.84 पर बंद हुआ था. महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर शुक्रवार को शेयर बाजार और मुद्रा बाजार बंद थे. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जानकारों की मानें तो भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि डॉलर मजबूत हुआ है और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.

तेल की कीमतों में यह लगातार हो रही बढ़ोतरी, विदेशी फंड के बाहर जाने के साथ मिलकर, भारत के व्यापार संतुलन और व्यापक अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर दबाव डाल रही है. HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा कि डॉलर की लगातार मांग से उम्मीद है कि कम समय के लिए रुपये पर दबाव बना रहेगा, जिससे डॉलर के मुकाबले में रुपया 95.35 और 95.70 के स्तरों की ओर ऊपर जाएगा.

डॉलर से लेकर शेयर बाजार तक तेज

इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.26 पर कारोबार कर रहा था. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 1.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.65 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 8,047.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. घरेलू शेयर बाज़ार की बात करें तो, सेंसेक्स 355.90 अंक चढ़कर 77,269.40 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 121.75 अंक चढ़कर 24,119.30 पर पहुंच गया.

क्या कह रहे हैं जानकार

IFA ग्लोबल ने एक रिसर्च नोट में कहा कि निवेशकों का ध्यान पश्चिम बंगाल राज्य चुनावों की मतगणना पर था, और उसने आगे कहा कि BJP की जीत घरेलू असेट्स के लिए सकारात्मक होगी. हालाँकि, इसका असर शायद ज्यादा समय तक न रहे, क्योंकि वैश्विक भूराजनीति ही मुख्य वजह बनी रहेगी, जिसका सीधा असर सप्लाई चेन और इंडस्ट्री पर पड़ेगा. इस बीच, व्यय सचिव वी. वुआलनाम ने शुक्रवार को कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों और अगले साल में शायद “काफी तनाव के बिंदु” देखने को मिल सकते हैं. अशोक यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ICPP ग्रोथ कॉन्फ्रेंस में वुआलनाम ने कहा कि राजकोषीय तनाव वाकई एक हकीकत है, लेकिन साथ ही… पूंजीगत खर्च हमारी पहली प्राथमिकता होगी, जिसे हम बनाए रखना चाहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि यह बजट में तय स्तर पर ही जारी रहे.

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