1.7 लाख की कमाई, जेब में बचे सिर्फ 2,520 रुपये! इस कपल के खर्चे देख भड़के लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस!​

अच्छी सैलरी होने के बावजूद कई लोग आर्थिक दबाव से जूझते हैं. ऐसा ही एक मामला Reddit पर सामने आया है, जहां 30 की उम्र के एक शादीशुदा जोड़े ने बताया कि दोनों मिलकर हर महीने 1.7 लाख रुपये कमाते हैं, लेकिन महीने के आखिर में उनके पास सिर्फ 2,520 रुपये ही बचते हैं. भारी EMI और रोजमर्रा के खर्चों के कारण वे भविष्य की बचत, घर खरीदने और बच्चों की प्लानिंग को लेकर चिंतित हैं. उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.

1.7 लाख की कमाई, जेब में बचे सिर्फ 2,520 रुपये! इस कपल के खर्चे देख भड़के लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस!​

Reddit पर वायरल हुई पोस्ट में कपल ने बताया कि उनकी शादी को दो साल हो चुके हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पति की मासिक आय 1.02 लाख रुपये और पत्नी की आय 68 हजार रुपये है. दोनों की कुल कमाई करीब 1.7 लाख रुपये प्रति माह है. हालांकि, इतनी आय के बावजूद वे आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. कपल के मुताबिक, उनकी सबसे बड़ी समस्या भारी कर्ज है. हर महीने उन्हें कुल 85,980 रुपये EMI के रूप में चुकाने पड़ते हैं. इसमें पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन, बाइक लोन और मोबाइल फोन लोन शामिल हैं. इसके अलावा किराया, मेंटेनेंस, राशन, यात्रा, मेडिकल खर्च और बिजलीपानी जैसे जरूरी खर्चों पर हर महीने करीब 53,500 रुपये खर्च हो जाते हैं. वहीं व्यक्तिगत जरूरतों, मनोरंजन और परिवार से जुड़ी आपात स्थितियों के लिए उन्होंने 28,000 रुपये का अलग बजट रखा हुआ है.

भविष्य को लेकर परेशान है कपल

सभी खर्चों के बाद उनके पास केवल 2,520 रुपये बचते हैं. कपल ने पोस्ट में पूछा कि वे घर खरीदने, बच्चों की योजना बनाने, इमरजेंसी फंड तैयार करने और रिटायरमेंट के लिए बचत की शुरुआत कैसे करें. उन्होंने कहा कि अगले दो साल में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल वे मानसिक रूप से काफी थक चुके हैं.

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सोशल मीडिया पर मिली अलगअलग सलाह

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने कपल को सबसे पहले कर्ज कम करने की सलाह दी. एक यूजर ने लिखा कि असली समस्या उनके खर्च नहीं बल्कि लोन हैं. सलाह दी गई कि बाइक लोन खत्म होने के बाद बचने वाली रकम से पर्सनल लोन को जल्दी चुकाने की कोशिश करनी चाहिए.

वहीं कुछ लोगों ने मोबाइल फोन के लिए लोन लेने के फैसले पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि कुछ महीनों तक अतिरिक्त खर्च कम करके फोन खरीदा जा सकता था. कुल मिलाकर सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बहस छिड़ गई कि अच्छी कमाई के बावजूद गलत वित्तीय फैसले किस तरह लोगों को कर्ज के जाल में फंसा सकते हैं.

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