Amavasya May 2026 Timing: ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को वट अमावस्या, बरगदी अमावस्या और बड़ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ये अमावस्या शनिवार के दिन पड़ी है इसलिए ये शनि अमावस्या भी कहलाएगी। खास बात ये है कि इस दिन शनि जयंती का शुभ संयोग भी बन रहा है। इस अमावस्या पर वट वृक्ष और शनि देव की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जिन पर शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या चल रही है उन लोगों को इस दिन शनि की उपासना जरूर करनी चाहिए। चलिए आपको बताते हैं वट अमावस्या यानी शनि अमावस्या की टाइमिंग और पूजा विधि क्या रहेगी।

वट अमावस्या शुभ मुहूर्त 2026
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:45 तक
- शुभ उत्तम 07:12 AM से 08:54 AM
- चर सामान्य 12:18 PM से 02:00 PM
- लाभ उन्नति 02:00 PM से 03:42 PM
- अमृत सर्वोत्तम 03:42 PM से 05:23 PM
- लाभ उन्नति 07:05 PM से 08:23 PM
वट अमावस्या पूजन विधि
- वट अमावस्या के दिन सुबहसुबह नदी स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
- अगर नदी स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है इसलिए इस दिन पितरों का तर्पण भी जरूर करें। साथ ही उनके नाम से दान करें।
- वट अमावस्या पर कई महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए उपवास भी रखती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा करती है।
- वट अमावस्या पर हर किसी को बरगद के पेड़ पर दीपक जरूर जलाना चाहिए।
- इस दिन शनि जयंती भी होती है। ऐसे में इस शुभ अवसर पर शनि के मंदिर जाकर उनकी प्रतिमा के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। साथ ही शनि के नाम से दान भी करें। इससे शनि दोषों से छुटकारा मिल जाएगा।





