अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अगले सप्ताह से वे यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देंगे। ट्रंप ने इस कदम का औचित्य बताते हुए आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ पिछले साल जुलाई में हुए व्यापार समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं कर रहा है। हालांकि, उन्होंने अपनी आपत्तियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया। AP की खबर के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में स्कॉटलैंड के ट्रंप गोल्फ कोर्स Turnberry में ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच एक व्यापार समझौता हुआ था, जिसे टर्नबेरी समझौता के नाम से जाना जाता है।

नए आयात शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू
समझौते के तहत अधिकांश वस्तुओं पर टैरिफ को 15 प्रतिशत तय किया गया था। इस समझौते पर अनिश्चितता तब बढ़ गई जब फरवरी 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति को आर्थिक आपातकाल घोषित करके यूरोपीय उत्पादों पर टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। इसके बाद पहले की 15 प्रतिशत की सीमा घटकर 10 प्रतिशत रह गई। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने अब अन्य कानूनों के तहत नए आयात शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन वर्तमान में व्यापार असंतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की जांच कर रहा है, जिसके आधार पर नया टैरिफ ढांचा लागू किया जा सकता है। इससे मौजूदा समझौते के उल्लंघन की आशंका भी जताई जा रही है।
EU ने दी ये प्रतिक्रिया
यूरोपीय यूनियन का अनुमान है कि इस द्विपक्षीय समझौते से उसके ऑटोमोबाइल निर्माताओं को हर महीने लगभग 5060 करोड़ यूरो की बचत हो सकती थी। Eurostat के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में EU और अमेरिका के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार 1.7 ट्रिलियन यूरो रहा, जो औसतन प्रतिदिन 4.6 बिलियन यूरो के बराबर है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूरोपीय आयोग ने कहा था, “समझौता, समझौता ही होता है।
अमेरिका को अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार के रूप में वादों का पालन करना चाहिए, जैसा कि यूरोपीय संघ अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम है। EU उत्पादों को प्रतिस्पर्धी शर्तों का लाभ मिलना जारी रहना चाहिए और तय सीमा से अधिक टैरिफ नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।





