Heatstroke Myths: जेब में प्याज रखने से क्या लू से बचाव होता है? एक्सपर्ट ने दिया इसका जवाब

भीषण गर्मी और लू के कहर से बचने के लिए कुछ लोग जेब में प्याज रखते हैं. लोगों का मानना है कि प्याज वास्तव में गर्मी को सोखता है. गर्मी का आतंक कम करने के लिए भारत में ऐसे और भी कई तरीके आजमाए जाते हैं. कहीं आप भी तो लू से बचने के लिए जेब में प्याज रखने पर विश्वास तो नहीं करते हैं. दरअसल, उत्तर भारत समेत देश के अधिकतर हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है. गर्मी की वजह से शरीर से पसीना निकलता है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है.

Heatstroke Myths: जेब में प्याज रखने से क्या लू से बचाव होता है? एक्सपर्ट ने दिया इसका जवाब

अब सवाल है कि क्या वाक्य में जेब या बगल में प्याज रखकर बाहर निकलने से लू के कहर से हम बच पाते हैं. या ये सिर्फ एक मिथक है. इस आर्टिकल में हम आपको एक्सपर्ट के जरिए बताने जा रहे हैं कि ऐसा करना सही है या गलत.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉक्टर नरेंद्र कुमार सिंगला जेब में प्याज रखने से लू से बचाव होता है, यह एक पुरानी दादीनानी की मान्यता जरूर है, लेकिन इसका कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं मिलता. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। प्याज में एंटीऑक्सीडेंट और कुछ लाभकारी तत्व होते हैं, जो खाने पर शरीर को फायदा पहुंचा सकते हैं, लेकिन सिर्फ जेब में रखने से यह शरीर को ठंडक देने या लू से बचाने में मदद नहीं करता.

लू लगने पर क्या होता है?

डॉक्टर नरेंद्र कुमार कहते हैं कि लू तब लगती है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और पानी व नमक की कमी हो जाती है. ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान नियंत्रित करने का सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता. अगर किसी इलाके में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा है और यहां गर्म हवा चल रही है तो ये लू कहलाती है.

लू से बचने के लिए क्या करें

एक्सपर्ट कहते हैं कि लू से बचने के लिए सही तरीका यह है कि गर्मी में भरपूर पानी पिएं, धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और तेज धूप से बचें. नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे पेय शरीर में पानी और जरूरी लवण की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं. प्याज को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उसे जेब में रखने से लू से बचाव नहीं होता.

इसलिए ऐसे घरेलू नुस्खों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय वैज्ञानिक और सही तरीकों को अपनाना ज्यादा सुरक्षित है. अगर किसी को चक्कर आना, कमजोरी या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, पानी पिलाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.

बच्चों के भीषण गर्मी के मौसम में स्कूल भेज रहे हैं तो उनके बैग में ऐसी चीजें जरूर रखें जो बॉडी को हाइड्रेट रखती हैं. बच्चों को दिन के 12 से 4 बजे तक बाहर खेलने से रोकें. इस दौरान गर्मी काफी ज्यादा होती है और लू लगने के चांस अधिक होते हैं.

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