यूपी के बदायूं में न्यायालय सुरक्षा में तैनात एक दारोगा ने गमछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची दारोगा की बेटी ने न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर शाहिद अली पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटी के अनुसार उनके पिता पूजापाठ करते थे और तिलक लगाते थे, जिस पर आपत्ति जताई जाती थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने इंस्पेक्टर शाहिद अली को लाइन हाजिर कर दिया है।

मथुरा जिले के गोविंदनगर थाना क्षेत्र के सकना गांव निवासी दरोगा मेघश्याम गौतम पिछले करीब एक वर्ष से सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। वह न्यायालय सुरक्षा में तैनात थे। बुधवार रात उन्होंने कमरे के वेंटिलेटर में गमछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह उनकी बेटी राधिका ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उसने मकान मालिक विकेश को फोन न उठने की जानकारी दी।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस
मकान मालिक ने अपनी पत्नी से कमरे पर जाकर आवाज लगाने को कहा, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया तो मेघश्याम गौतम का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी अंकिता शर्मा, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय समेत फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
कई तरह की पाबंदियां लगाई जा रही थीं, बेटी का आरोप
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की बेटी राधिका ने न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर शाहिद अली पर पिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। राधिका का कहना है कि उनके पिता बीमार चल रहे थे और ड्यूटी पर जाने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी और आवागमन को लेकर उन पर कई तरह की पाबंदियां लगाई जाती थीं।
पूजा पाठ से रोका जा रहा था
राधिका ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता पूजापाठ करते थे और तिलक लगाते थे, जिस पर आपत्ति जताई जाती थी। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर शाहिद अली भगवान राम और कृष्ण को न मानने जैसी बातें कहते थे, जिससे उनके पिता मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
एसएसपी क्या बोलीं
एसएसपी अंकिता शर्मा के अनुसार न्यायालय सुरक्षा में तैनात दारोगा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट में मौत का कारण एंटीमॉर्टम हैंगिंग पाया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर विधिक परीक्षण के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
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