
Sensex and Nifty: ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी के संकेतों के आधार पर जिसकी उम्मीद थी, वहीं हुआ. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी मिले-जुले रुख के साथ खुले. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में मामूली तेजी देखी गई लेकिन निफ्टी को इस दौरान लाल निशान के साथ कारोबार करते देखा गया. निवेशकों ने इन्वेस्ट करने से हपले सतर्क रुख अपनाया हुआ है. कारोबारी सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स 78,064 अंक पर और निफ्टी सूचकांक 24,194 अंक पर दिखाई दिया. सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयर में तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा निफ्टी 50, बैंक निफ्टी और निफ्टी मिड कैप में भी तेजी देखी जा रही है.
पिछले चार कारोबारी सत्र से स्टॉक मार्केट में आ रही तेजी के बाद गुरुवार को दोपहर के समय मुनाफावसूली से बाजार कुछ टूट गया. शेयर बाजार में यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को रुकवाने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर चल रही कोशिश के बाद आई है. शुक्रवार सुबह यूएस मार्केट में तेजी और एशियाई मार्केट में गिरावट देखी जा रही है. हालांकि, गिफ्ट निफ्टी भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. ऐसे में आज भारतीय शेयर बाजार के सपाट खुलने की उम्मीद है. शुक्रवार सुबह Gift Nifty 5 अंक की तेजी के साथ 24,176 अंक पर देखा गया. यह भी खबर है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को और आगे बढ़ाया जा सकता है.
इंटरनेशनल मार्केट का हाल
सुबह करीब 8 बजे Dow Jones Futures 45.55प्वाइंट की तेजी के साथ 48,633.23 पर देखा गया. S&P 500 इंडेक्स 18.33 प्वाइंट चढ़कर 7,041.28 अंक पर पहुंच गया. Nasdaq में भी 86.69 अंक की तेजी देखी जा रही है और यह 24,102.70 अंक पर देखा गया. यूरोपियन मार्केट में मिला-जुला रुख देखा जा रहा है. एशियाई बाजार में आज गिरावट देखने को मिल रही है. जापान का निक्केई 556 अंक टूटकर 58,962 अंक पर ट्रेड करता देखा गया. इसके अलावा साउथ कोरिया का KOSPI गिरकर 6,200 अंक पर ट्रेड कर रहा है. Hang Seng में भी 200 अंक से ज्यादा की गिरावट देखी गई.
अभी बाजार में क्यों नहीं आएगी बड़ी गिरावट?
अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स नैस्डैक और एसएंडपी पिछले दिनों चढ़कर रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए. लेकिन भारतीय बाजार अपने ऑल टाइम हाइक से करीब 9 प्रतिशत नीचे है. यही हाल, निफ्टी का भी है और यह 24000 प्वाइंट के आस-पास कारोबार कर रहा है. बाजार में यह गिरावट अमेरिका और ईरान की जंग के चलते आई थी. लेकिन अब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की उम्मीद के बाद शेयर बाजार में तेजी देखी जा रही है. हालांकि, भारतीय बाजार में अभी बड़ी गिरावट आने के आसार कम हैं. जानिए इसको लेकर तीन कारण-
इंडियन इकोनॉमी में तेजी
इंडियन इकोनॉमी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी बनी हुई है. आईएमएफ (IMF) की तरफ से भारत की 2026 की विकास दर के प्रोजेक्शन को बढ़ाकर 6.5% कर दिया गया है. भारत की इंटरनल खपत काफी मजबूत है. भारत सरकार की तरफ से बुनियादी ढांचे पर खर्च किये जाने के साथ ही फिक्सल डेफिसिट को भी कंट्रोल किया गया है.
एफआईआई के निवेश की उम्मीद
पिछले एक साल के दौरान देखें तो एफआईआई (FII) ने भारतीय शेयर बाजार से बिकवाली करके तेजी से पैसा निकाला है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। लेकिन अब सोने के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के बाद एफआईआई के भारतीय बाजार में आने की संभावना है. कंपनियों की तरफ से जारी किये जा रहे चौथी तिमाही के नतीजे भी एफआईआई को आकर्षित करने का काम करेंगे. ग्लोबल कंपनियां अपनी सप्लाई चेन के लिए चीन के ऑप्शन के रूप में भारतीय बाजार को तवज्जो दे रही हैं.
DII का निवेश जारी
अगर डीआईआई (DII) का निवेश जारी नहीं रहता तो भारतीय शेयर बाजार में और बड़ी गिरावट का दौर देखने को मिल सकता था. लेकिन डीआईआई की तरफ से जारी निवेश से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला है. ग्लोबल टेंशन कम होने के संकेतों से भी निवेश बढ़ रहा है. बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियों ने भी साल 2026 की शुरुआती तिमाहियों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. पिछले दिनों निफ्टी 30 मार्च को फिसलकर 22000 अंक के करीब पहुंच गया था.
कल क्या रहा शेयर बाजार का हाल?
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को हल्की गिरावट के साथ बंद हुए थे. कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 122 अंक गिरकर 77,988 अंक पर और निफ्टी सूचकांक में 35 अंक की गिरावट देखी गई और यह गिरकर 24,196 प्वाइंट पर पहुंच गया. इसके अलावा बाकी सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए. अमेरिका और ईरान के युद्ध के बीच पिछले दिनों सेंसेक्स गिरकर 72000 अंक और निफ्टी 22000 पर चला गया था. लेकिन अब बाजार में रिकवरी देखी जा रही है.





