शीर्षासन को हेडस्टैंड भी कहा जाता है। इस योग आसान को ‘योगासनों का राजा’ माना जाता है। सिर के बल उल्टा खड़े होकर किए जाने वाले इस आसन से मस्तिष्क में रक्त का संचार बढ़ता है, जिस वजह से एकाग्रता और मानसिक सतर्कता बढ़ती है साथ ही शरीर को अन्य कई फायदे मिलता है?

शीर्षासन करने से मिलते हैं कौन से फायदे?
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दिमाग होता है तेज: शीर्षासन करने से दिमाग में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है जिससे याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक सतर्कता बढ़ती है。 यह तनाव, चिंता और हल्के सिरदर्द को कम करने में बेहद प्रभावकारी है।
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बालों के लिए फायदेमंद: शीर्षासन को बालों के स्वास्थ्य के लिए एक शक्तिशाली योग माना जाता है। शरीर को उल्टा करने से, यह बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति को बढ़ाता है, जिससे बालों का झड़ना रुकता है, बाल चमकदार होते हैं और समय से पहले सफेद होने की समस्या कम होती है।
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चेहरे पर आती है चमक: शीर्षासन करने से चेहरे पर चमक आती है और मुंहासे दूर होते हैं। दरअसल, सिर को उल्टा करने की वजह से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिससे स्कैल्प तक भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन पहुँचता है, जिससे त्वचा की कोशिकाओं को फिर से जीवंत करने और रंगत को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
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पाचन तंत्र मजबूत होता है: शीर्षासन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह पेट फूलना, कब्ज और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह मुद्रा पेट के दबाव को बदल देती है, जिससे आंतों, लिवर और पैंक्रियास को उत्तेजना मिलती है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
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हार्मोनल संतुलन: शीर्षासन पिट्यूटरी और पीनियल ग्रंथियों को उत्तेजित करता है, जिससे यह संपूर्ण अंतःस्रावी तंत्र को संतुलित करने में बहुत प्रभावी है
शीर्षासन कैसे करें?
शीर्षासन करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें। अब सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर टिकाएं और हाथों से सिर को सहारा दें। इसके बाद धीरेधीरे पैरों को ऊपर उठाते हुए शरीर का संतुलन बनाएं। शुरुआत में इसे दीवार के सहारे इसे करें। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, या गर्दन में कोई गंभीर समस्या है, तो इस आसन को करने से बचें।





