गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं, जिसमें बच्चे भी खूब मौजमस्ती कर रहे हैं. न स्कूल जाने की टेंशन और न होमवर्क पूरा करने का लोड. ऐसे में ज्यादातर बच्चे दिनभर बस मोबाइल और टीवी पर चिपके रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूरापूरा दिन मोबाइल और टीवी देखने से बच्चे की हेल्थ पर कितना बुरा असर पड़ता है. वहीं, हाल ही में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में की एक स्टडी में भी बताया गया है कि 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीम टाइम हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ा सकता है.

ऐसे में मातापिता के लिए यह समझना जरूरी है कि बच्चों का स्क्रीन टाइम पूरी तरह बंद करने के बजाय उसे बैलेंस कैसे किया जाए. सही रूटीन, आउटडोर एक्टिविटीज, रचनात्मक खेल और परिवार के साथ समय बिताने जैसी आदतें बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने में मदद कर सकती हैं. चलिए जानते हैं बच्चे की स्क्रीनटाइम कम करने के कुछ आसान तरीके.
स्क्रीनटाइम के लिए तय करें समय सीमा
गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को पूरी तरह से तो स्क्रीनटाइम से दूर नहीं रखा जा सकता है. लेकिन हां..उनका स्क्रीनटाइम कम जरूर किया जा सकता है. इसके लिए आपको एक समय सीमा तय करनी होगी. उसी समय सीमा में बच्चे को मोबाइल या टीवी देखने दिया जाए. इससे बच्चे धीरेधीरे आदत में डाल लेंगे.
आउटडोर एक्टिविटी पर फोकस करें
बच्चे जितना घर के अंदर रहेंगे…टीवी और मोबाइल के तरफ उनका ध्यान उतना ज्यादा जाएगा. ऐसे में सबसे अच्छा है कि उन्हें थोड़ा बाहर लेकर आउटडोर एक्टिविटी कराई जाए. जैसे शाम को बच्चे को पार्क ले जाएं. वहां साइकिलिंग, बैडमिंटन, क्रिकेट और बाकी कोई भी फिजिकल एक्टिविटी में हिस्सा दिलाएं.
क्रिएटिव एक्टिविटी में ध्यान लगाएं
स्क्रीनटाइम कम करने के लिए बच्चे को बिजी रखना बहुत जरूरी है. इतनी धूप में बच्चे को बाहर नहीं भेज पा रहे हैं तो घर में ही क्रिएटिव आर्ट और एक्टिविटी में उसे व्यस्त रखें. इसके लिए आप उसे ड्राइंग, पेंटिंग, कहानी पढ़ना, क्राफ्ट बनाना, म्यूजिक सीखना या पहेलियां सुलझाना जैसी एक्टिविटी कराएं. ये एक्टिविटी न केवल स्क्रीन टाइम कम करती हैं, बल्कि बच्चों की क्रिएटिविटी को भी बेहतर बनाती है.
परिवार के साथ समय बिताएं
जब मातापिता बच्चों के साथ बोर्ड गेम खेलते हैं, बातचीत करते हैं या किसी एंटरटेनमेंट एक्टिविटी में शामिल होते हैं, तो बच्चे भी टीवी और मोबाइल से दूरी बना लेते हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। परिवार के साथ बिताया गया समय बच्चों के भावनात्मक विकास के लिए भी फायदेमंद होता है.
खुद भी बनें रोल मॉडल
बच्चे अक्सर अपने मातापिता की आदतों की नकल करते हैं. अगर घर के बड़े हर समय मोबाइल में व्यस्त रहेंगे, तो बच्चों से स्क्रीन टाइम कम करने की उम्मीद करना मुश्किल होगा. इसलिए मातापिता भी स्क्रीन का कम से कम यूज करें. इससे बच्चे का भी ध्यान टीवी या मोबाइल पर कम जाएगा.





