वजन घटाने के लिए रोज 15,000 कदम चलना सही या खतरनाक? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने बताए फायदे और जोखिम​

क्या वजन घटाने के चक्कर में आप भी हर दिन 15,000 या उससे ज्यादा कदम चल रहे हैं? रुकिए! कहीं पतले होने की यह जिद आपकी हड्डियों और जोड़ों को हमेशा के लिए बीमार तो नहीं बना रही? आजकल फिटनेस लवर्स के बीच ज्यादा से ज्यादा वॉक करने का एक नया ट्रेंड चल पड़ा है। लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा चलेंगे, फैट उतनी ही तेजी से बर्न होगा। लेकिन क्या वाकई रोजाना 15,000 कदम चलना हर किसी के शरीर के लिए सुरक्षित है, या यह घुटनों और रीढ़ की हड्डी के लिए कोई गंभीर खतरा पैदा कर सकता है? इसी उलझन को दूर करने के लिए हमने बात की ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से, जिन्होंने इस फिटनेस रूल के पीछे का पूरा सच सामने रखा है।

वजन घटाने के लिए रोज 15,000 कदम चलना सही या खतरनाक? ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने बताए फायदे और जोखिम​

KIMS हॉस्पिटल्स ठाणे में ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के कंसल्टेंट डॉ. सारंग देशपांडे ने बताया रोज 15,000 कदम चलना निश्चित रूप से वजन घटाने में मदद कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनका लाइफस्टाइल निष्क्रिय रहा है। वॉकिंग एक आसान और कम प्रभावशाली एक्सरसाइज है, जो कैलोरी बर्न करने, मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने और संपूर्ण फिटनेस को बढ़ावा देने में मदद करती है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं।

एक्सपर्ट ने बताया वजन कम करने के लिए सिर्फ रोज 15000 कदम चलना ही जरूरी नहीं है बल्कि डाइट,नींद और तनाव का स्तर कंट्रोल करना भी जरूरी है। उम्र, हार्मोनल कारक और नियमितता वजन घटाने में मददगार हो सकती है। कोई व्यक्ति रोज़ 15,000 कदम चले, लेकिन जरूरत से ज्यादा कैलोरी खाए, तो उसे वजन कम करने में फिर भी परेशानी हो सकती है। एक्सपर्ट ने बताया वॉक करने का सबसे बड़ा फायदा तब है जब लोग नियमित रूप से लम्बे समय तक करें। अक्सर लोग कठिन और तेज वर्कआउट रूटीन को कुछ समय बाद छोड़ देते हैं।

किन स्थितियों में  15,000 कदम चलना पहुंचा सकता है नुकसान?

हर इंसान की फिटनेस उसकी उम्र,वजन और जोड़ों की स्थिति पर निर्भर करती है। अगर कोई इंसान हेल्दी है और  धीरेधीरे अपनी सहनशक्ति बढ़ाता है, तो 15,000 कदम चलना सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है। लेकिन अगर कोई इंसान सीधे निष्क्रिय जीवन शैली से अचानक इतने अधिक कदम चलना शुरू कर दे, तो उसे घुटनों में दर्द, टखनों में खिंचाव, एड़ी में दर्द या कमर दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ये परेशानी खासतौर पर उन लोगों को होती है जिनका वजन ज्यादा होता है, शुरुआती आर्थराइटिस से पीड़ित, कमजोर मांसपेशियों वाले व्यक्तियों या पहले से चोट झेल चुके लोगों को ज्यादा दिक्कत होती है। हमारी बॉडी को नए स्तर की बॉडी एक्टिविटी के अनुरूप ढलने के लिए समय चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया बेहतर रिजल्ट पाने के लिए अगर आप वॉक करना चाहते हैं तो आप जल्दबाजी करने के बजाय कदमों की संख्या को धीरेधीरे बढ़ाएं तो अधिक सुरक्षित माना जाता है।

वजन घटाने के लिए क्या वॉकिंग, हाईइम्पैक्ट वर्कआउट से बेहतर है?

ऑर्थोपेडिक नजरिए से देखा जाए तो कई लोगों के लिए दौड़ने, कूदने या हाईइंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों की तुलना में वॉकिंग जोड़ों पर कम दबाव डालती है। यह खासकर मध्यम आयु वर्ग के लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और अधिक वजन वाले व्यक्तियों के लिए फिटनेस शुरू करने का एक सुरक्षित तरीका हो सकता है। नियमित रूप से चलने से जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, संतुलन बेहतर होता है और शरीर की गतिशीलता बनी रहती है। हालांकि, केवल वॉकिंग करना पर्याप्त नहीं है। बेहतर फिटनेस के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और फ्लेक्सिबिलिटी एक्सरसाइज भी जरूरी हैं, क्योंकि मजबूत मांसपेशियां जोड़ों को बेहतर सहारा देती हैं और चोट के जोखिम को कम करती हैं।

रोज़ाना वॉकिंग का सबसे हेल्दी तरीका क्या है?

एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप वजन कम करने के लिए रोज वॉक करना चाहते हैं तो कदमों की संख्या से ज्यादा नियमितता पर ध्यान दें। अगर रोज़ाना लगातार 7,000 से 10,000 कदम भी चले जाएं, तो इससे सेहत को काफी फायदा हो सकता है। वॉक कर रहे हैं तो उसके नियमों को भी फॉलो करें। आप आरामदायक और सपोर्टिव जूते पहने। पर्याप्त पानी पिएं और खासकर गर्म मौसम में जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से बचें। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर चलते समय आपके घुटनों में दर्द, सूजन या सांस फूलने जैसी समस्या होती है तो आप खुद को जबरदस्ती आगे बढ़ाने के बजाय गति कम करें और डॉक्टर से सलाह लें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन की शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Leave a Reply